Hindi Page 1336
ਗਾਵਤ ਸੁਨਤ ਦੋਊ ਭਏ ਮੁਕਤੇ ਜਿਨਾ ਗੁਰਮੁਖਿ ਖਿਨੁ ਹਰਿ ਪੀਕ ॥੧॥गावत सुनत दोऊ भए मुकते जिना गुरमुखि खिनु हरि पीक ॥१॥जिसने गुरु से एक पल हरिनाम अमृत का पान किया है, उसके गुण गाने एवं सुनने वाले दोनों मुक्त हो जाते हैं।॥ १॥ ਮੇਰੈ ਮਨਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਰਾਮ ਨਾਮੁ ਰਸੁ ਟੀਕ ॥मेरै मनि हरि हरि
