Hindi Page 708
ਕਾਮ ਕ੍ਰੋਧਿ ਅਹੰਕਾਰਿ ਫਿਰਹਿ ਦੇਵਾਨਿਆ ॥काम क्रोधि अहंकारि फिरहि देवानिआ ॥वह काम, क्रोध एवं अहंकार में मग्न होकर पागलों की तरह घूम रहा है। ਸਿਰਿ ਲਗਾ ਜਮ ਡੰਡੁ ਤਾ ਪਛੁਤਾਨਿਆ ॥सिरि लगा जम डंडु ता पछुतानिआ ॥लेकिन जब मृत्यु की चोट इसके सिर पर आकर लगी तो वह पश्चाताप कर रहा है। ਬਿਨੁ ਪੂਰੇ ਗੁਰਦੇਵ
