Hindi Page 1137
ਖਟੁ ਸਾਸਤ੍ਰ ਮੂਰਖੈ ਸੁਨਾਇਆ ॥खटु सासत्र मूरखै सुनाइआ ॥मूर्ख को छः शास्त्र सुनाना ऐसे निरर्थक है, ਜੈਸੇ ਦਹ ਦਿਸ ਪਵਨੁ ਝੁਲਾਇਆ ॥੩॥जैसे दह दिस पवनु झुलाइआ ॥३॥जैसे दसों दिशाओं में वायु गुजर जाती है।॥३॥ ਬਿਨੁ ਕਣ ਖਲਹਾਨੁ ਜੈਸੇ ਗਾਹਨ ਪਾਇਆ ॥बिनु कण खलहानु जैसे गाहन पाइआ ॥जिस प्रकार दाने के बिना खलिहान के गाहन से
