Hindi Page 125

ਗੁਰਮੁਖਿ ਜੀਵੈ ਮਰੈ ਪਰਵਾਣੁ ॥गुरमुखि जीवै मरै परवाणु ॥गुरमुख का जीना एवं मरना प्रमाणिक है।  ਆਰਜਾ ਨ ਛੀਜੈ ਸਬਦੁ ਪਛਾਣੁ ॥आरजा न छीजै सबदु पछाणु ॥उसका जीवन व्यर्थ नहीं जाता, क्योंकि वह परमात्मा को पहचानता है। ਗੁਰਮੁਖਿ ਮਰੈ ਨ ਕਾਲੁ ਨ ਖਾਏ ਗੁਰਮੁਖਿ ਸਚਿ ਸਮਾਵਣਿਆ ॥੨॥गुरमुखि मरै न कालु न खाए गुरमुखि सचि समावणिआ ॥२॥गुरमुख

Hindi Page 124

ਇਕਿ ਕੂੜਿ ਲਾਗੇ ਕੂੜੇ ਫਲ ਪਾਏ ॥इकि कूड़ि लागे कूड़े फल पाए ॥कई व्यक्ति मिथ्या माया के मोह में फँसे हुए हैं। वे मिथ्या माया रूपी फल ही प्राप्त करते हैं। ਦੂਜੈ ਭਾਇ ਬਿਰਥਾ ਜਨਮੁ ਗਵਾਏ ॥दूजै भाइ बिरथा जनमु गवाए ॥द्वैत-भाव में फँसकर वह अपना जीवन व्यर्थ ही गंवा लेते हैं। ਆਪਿ ਡੁਬੇ ਸਗਲੇ

Hindi Page 123

ਹਉ ਵਾਰੀ ਜੀਉ ਵਾਰੀ ਨਾਮੁ ਸੁਣਿ ਮੰਨਿ ਵਸਾਵਣਿਆ ॥हउ वारी जीउ वारी नामु सुणि मंनि वसावणिआ ॥मैं उन पर तन एवं मन से न्यौछावर हूँ जो भगवान के नाम को सुनकर अपने हृदय में बसाते हैं। ਹਰਿ ਜੀਉ ਸਚਾ ਊਚੋ ਊਚਾ ਹਉਮੈ ਮਾਰਿ ਮਿਲਾਵਣਿਆ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥हरि जीउ सचा ऊचो ऊचा हउमै मारि मिलावणिआ ॥१॥

Hindi Page 122

ਮਾਇਆ ਮੋਹੁ ਇਸੁ ਮਨਹਿ ਨਚਾਏ ਅੰਤਰਿ ਕਪਟੁ ਦੁਖੁ ਪਾਵਣਿਆ ॥੪॥माइआ मोहु इसु मनहि नचाए अंतरि कपटु दुखु पावणिआ ॥४॥जो इस मन को मोह-माया में नचाता है तथा मन में कपट है, वह बड़ा दुःखी होता है।॥४॥ ਗੁਰਮੁਖਿ ਭਗਤਿ ਜਾ ਆਪਿ ਕਰਾਏ ॥गुरमुखि भगति जा आपि कराए ॥जब भगवान स्वयं मनुष्य से गुरु के सान्निध्य द्वारा

Hindi Page 121

ਨਾਨਕ ਨਾਮਿ ਰਤੇ ਵੀਚਾਰੀ ਸਚੋ ਸਚੁ ਕਮਾਵਣਿਆ ॥੮॥੧੮॥੧੯॥नानक नामि रते वीचारी सचो सचु कमावणिआ ॥८॥१८॥१९॥हे नानक ! जो व्यक्ति परमेश्वर के नाम में मग्न रहते हैं, वे परमेश्वर के बारे ही विचार करते रहते हैं और सत्य-परमेश्वर के सत्य-नाम की ही कमाई करते हैं ॥८॥१८॥१९॥ ਮਾਝ ਮਹਲਾ ੩ ॥माझ महला ३ ॥माझ महला ३ ॥

Hindi Page 119

ਖੋਟੇ ਖਰੇ ਤੁਧੁ ਆਪਿ ਉਪਾਏ ॥ खोटे खरे तुधु आपि उपाए ॥ हे भगवान ! बुरे एवं भले जीव तूने ही पैदा किए हैं। O’God, you yourself have created both the evil and the virtuous people. ਤੁਧੁ ਆਪੇ ਪਰਖੇ ਲੋਕ ਸਬਾਏ ॥ तुधु आपे परखे लोक सबाए ॥ समस्त लोगों के अच्छे एवं दुष्कर्मो की

Hindi Page 120

ਮਨਸਾ ਮਾਰਿ ਸਚਿ ਸਮਾਣੀ ॥मनसा मारि सचि समाणी ॥जब बुद्धि मन की अभिलाषा को नष्ट करके सत्य में समा गई ਇਨਿ ਮਨਿ ਡੀਠੀ ਸਭ ਆਵਣ ਜਾਣੀ ॥इनि मनि डीठी सभ आवण जाणी ॥तो इस मन ने देख लिया कि यह सृष्टि जन्मती एवं मरती रहती है। ਸਤਿਗੁਰੁ ਸੇਵੇ ਸਦਾ ਮਨੁ ਨਿਹਚਲੁ ਨਿਜ ਘਰਿ ਵਾਸਾ ਪਾਵਣਿਆ

Hindi Page 116

ਮਨਮੁਖ ਖੋਟੀ ਰਾਸਿ ਖੋਟਾ ਪਾਸਾਰਾ ॥ मनमुख खोटी रासि खोटा पासारा ॥ मनमुख व्यक्ति माया-धन संचित करते हैं जो खोटी पूंजी है और वह इस खोटी पूंजी का ही प्रसार करते हैं। The self-willed persons earn false (worldly) wealth and make false display of their possessions, which is not acceptable in God’s court. ਕੂੜੁ ਕਮਾਵਨਿ

Hindi Page 1429

ਨਿਜ ਕਰਿ ਦੇਖਿਓ ਜਗਤੁ ਮੈ ਕੋ ਕਾਹੂ ਕੋ ਨਾਹਿ ॥निज करि देखिओ जगतु मै को काहू को नाहि ॥दुनिया को मैंने अपना बनाकर भी देख लिया है, परन्तु कोई किसी का (हमदद) नहीं। ਨਾਨਕ ਥਿਰੁ ਹਰਿ ਭਗਤਿ ਹੈ ਤਿਹ ਰਾਖੋ ਮਨ ਮਾਹਿ ॥੪੮॥नानक थिरु हरि भगति है तिह राखो मन माहि ॥४८॥नानक का कथन है

Hindi Page 1424

ਸਤਿਗੁਰ ਵਿਚਿ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਨਾਮੁ ਹੈ ਅੰਮ੍ਰਿਤੁ ਕਹੈ ਕਹਾਇ ॥सतिगुर विचि अम्रित नामु है अम्रितु कहै कहाइ ॥अमृतमय भगवन्नाम गुरु में ही है, वह नामामृत का कीर्तन करता और जिज्ञासुओं से भी नाम का संकीर्तन करवाता है। ਗੁਰਮਤੀ ਨਾਮੁ ਨਿਰਮਲੋੁ ਨਿਰਮਲ ਨਾਮੁ ਧਿਆਇ ॥गुरमती नामु निरमलो निरमल नामु धिआइ ॥गुरु का मत है कि परमात्मा का

error: Content is protected !!