Hindi Page 889
ਨਿਹਚਲ ਆਸਨੁ ਬੇਸੁਮਾਰੁ ॥੨॥निहचल आसनु बेसुमारु ॥२॥उस अटल स्थान की कीर्ति बेअंत है ॥२॥ ਡਿਗਿ ਨ ਡੋਲੈ ਕਤਹੂ ਨ ਧਾਵੈ ॥डिगि न डोलै कतहू न धावै ॥वह स्थान कभी गिरता एवं डोलता नहीं और ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ਕੋ ਇਹੁ ਮਹਲੁ ਪਾਵੈ ॥गुर प्रसादि को इहु महलु पावै ॥गुरु की कृपा से ही कोई इस स्थान को
