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ਨਾਨਕ ਰਾਮ ਨਾਮੁ ਧਨੁ ਕੀਤਾ ਪੂਰੇ ਗੁਰ ਪਰਸਾਦਿ ॥੨॥नानक राम नामु धनु कीता पूरे गुर परसादि ॥२॥हे नानक ! पूर्ण गुरु की कृपा से उसने राम के नाम को अपना धन बनाया है॥ २॥ ਪਉੜੀ ॥पउड़ी ॥पउड़ी ॥ ਧੋਹੁ ਨ ਚਲੀ ਖਸਮ ਨਾਲਿ ਲਬਿ ਮੋਹਿ ਵਿਗੁਤੇ ॥धोहु न चली खसम नालि लबि मोहि विगुते ॥जगत्

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ਪਉੜੀ ॥पउड़ी ॥पउड़ी ॥ ਤਿਸੈ ਸਰੇਵਹੁ ਪ੍ਰਾਣੀਹੋ ਜਿਸ ਦੈ ਨਾਉ ਪਲੈ ॥तिसै सरेवहु प्राणीहो जिस दै नाउ पलै ॥हे प्राणियों ! उस गुरु की सेवा करो जिसके पास ईश्वर का नाम है। ਐਥੈ ਰਹਹੁ ਸੁਹੇਲਿਆ ਅਗੈ ਨਾਲਿ ਚਲੈ ॥ऐथै रहहु सुहेलिआ अगै नालि चलै ॥इस तरह तुम इहलोक में सुखपूर्वक रहोगे तथा परलोक में भी

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ਮਃ ੫ ॥मः ५ ॥महला ५॥ ਦਾਮਨੀ ਚਮਤਕਾਰ ਤਿਉ ਵਰਤਾਰਾ ਜਗ ਖੇ ॥दामनी चमतकार तिउ वरतारा जग खे ॥दुनिया का व्यवहार वैसा है, जैसे दामिनी की चमक है। ਵਥੁ ਸੁਹਾਵੀ ਸਾਇ ਨਾਨਕ ਨਾਉ ਜਪੰਦੋ ਤਿਸੁ ਧਣੀ ॥੨॥वथु सुहावी साइ नानक नाउ जपंदो तिसु धणी ॥२॥हे नानक ! केवल वही वस्तु सुन्दर है, जो उस मालिक-प्रभु

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ਗਉੜੀ ਕੀ ਵਾਰ ਮਹਲਾ ੫ ਰਾਇ ਕਮਾਲਦੀ ਮੋਜਦੀ ਕੀ ਵਾਰ ਕੀ ਧੁਨਿ ਉਪਰਿ ਗਾਵਣੀगउड़ी की वार महला ५ राइ कमालदी मोजदी की वार की धुनि उपरि गावणीगउड़ी की वार महला ५ राइ कमालदी मोजदी की वार की धुनि उपरि गावणी ੴ ਸਤਿਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ईश्वर एक है, जिसे सतगुरु की कृपा से पाया

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ਜੋ ਮਾਰੇ ਤਿਨਿ ਪਾਰਬ੍ਰਹਮਿ ਸੇ ਕਿਸੈ ਨ ਸੰਦੇ ॥जो मारे तिनि पारब्रहमि से किसै न संदे ॥जो मनुष्य पारब्रह्म द्वारा मृत हैं, वे किसी के (सगे) नहीं। ਵੈਰੁ ਕਰਨਿ ਨਿਰਵੈਰ ਨਾਲਿ ਧਰਮਿ ਨਿਆਇ ਪਚੰਦੇ ॥वैरु करनि निरवैर नालि धरमि निआइ पचंदे ॥यह धर्म का न्याय है कि जो लोग निर्वेरों के साथ वैर करते हैं,

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ਹਰਿ ਅੰਦਰਲਾ ਪਾਪੁ ਪੰਚਾ ਨੋ ਉਘਾ ਕਰਿ ਵੇਖਾਲਿਆ ॥हरि अंदरला पापु पंचा नो उघा करि वेखालिआ ॥भगवान ने तपस्वी का भीतरी पाप को पंचों को प्रकट करके दिखा दिया है। ਧਰਮ ਰਾਇ ਜਮਕੰਕਰਾ ਨੋ ਆਖਿ ਛਡਿਆ ਏਸੁ ਤਪੇ ਨੋ ਤਿਥੈ ਖੜਿ ਪਾਇਹੁ ਜਿਥੈ ਮਹਾ ਮਹਾਂ ਹਤਿਆਰਿਆ ॥धरम राइ जमकंकरा नो आखि छडिआ एसु तपे नो तिथै

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ਸਲੋਕ ਮਃ ੫ ॥सलोक मः ५ ॥श्लोक महला ५॥ ਰਹਦੇ ਖੁਹਦੇ ਨਿੰਦਕ ਮਾਰਿਅਨੁ ਕਰਿ ਆਪੇ ਆਹਰੁ ॥रहदे खुहदे निंदक मारिअनु करि आपे आहरु ॥शेष बचे हुए निन्दकों को भगवान ने स्वयं ही (प्रयास करके) समाप्त कर दिया है। ਸੰਤ ਸਹਾਈ ਨਾਨਕਾ ਵਰਤੈ ਸਭ ਜਾਹਰੁ ॥੧॥संत सहाई नानका वरतै सभ जाहरु ॥१॥हे नानक ! संतजनों की

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ਪਉੜੀ ॥ पउड़ी ॥ पउड़ी॥ Pauree: ਤੂ ਕਰਤਾ ਸਭੁ ਕਿਛੁ ਜਾਣਦਾ ਜੋ ਜੀਆ ਅੰਦਰਿ ਵਰਤੈ ॥ तू करता सभु किछु जाणदा जो जीआ अंदरि वरतै ॥ हे विश्व के रचयिता प्रभु ! तुम सबकुछ जानते हो, जो कुछ जीवों के हृदय में होता है। O’ Creator, You know everything which occurs in the minds of

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ਪਉੜੀ ॥पउड़ी ॥पउड़ी॥ ਤੂ ਕਰਤਾ ਸਭੁ ਕਿਛੁ ਜਾਣਦਾ ਜੋ ਜੀਆ ਅੰਦਰਿ ਵਰਤੈ ॥तू करता सभु किछु जाणदा जो जीआ अंदरि वरतै ॥हे विश्व के रचयिता प्रभु ! तुम सबकुछ जानते हो, जो कुछ जीवों के हृदय में होता है। ਤੂ ਕਰਤਾ ਆਪਿ ਅਗਣਤੁ ਹੈ ਸਭੁ ਜਗੁ ਵਿਚਿ ਗਣਤੈ ॥तू करता आपि अगणतु है सभु जगु

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ਜਿਨਾ ਸਾਸਿ ਗਿਰਾਸਿ ਨ ਵਿਸਰੈ ਸੇ ਪੂਰੇ ਪੁਰਖ ਪਰਧਾਨ ॥जिना सासि गिरासि न विसरै से पूरे पुरख परधान ॥जिन्हें श्वास लेते और भोजन खाते समय एक क्षण भर के लिए भी भगवान का नाम विस्मृत नहीं होता, वही सर्वगुणसम्पन्न एवं प्रधान हैं। ਕਰਮੀ ਸਤਿਗੁਰੁ ਪਾਈਐ ਅਨਦਿਨੁ ਲਗੈ ਧਿਆਨੁ ॥करमी सतिगुरु पाईऐ अनदिनु लगै धिआनु ॥भगवान

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