Hindi Page 291
ਆਪਨ ਖੇਲੁ ਆਪਿ ਵਰਤੀਜਾ ॥आपन खेलु आपि वरतीजा ॥हे नानक ! (सृष्टि रूपी) अपनी लीला अकाल पुरुष ने स्वयं ही रची है, ਨਾਨਕ ਕਰਨੈਹਾਰੁ ਨ ਦੂਜਾ ॥੧॥नानक करनैहारु न दूजा ॥१॥इसके अलावा दूसरा कोई रचयिता नहीं ॥ १॥ ਜਬ ਹੋਵਤ ਪ੍ਰਭ ਕੇਵਲ ਧਨੀ ॥जब होवत प्रभ केवल धनी ॥जब जगत् का स्वामी परमात्मा केवल स्वयं
