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ਗਾਵਹਿ ਗੁਣ ਬਰਨ ਚਾਰਿ ਖਟ ਦਰਸਨ ਬ੍ਰਹਮਾਦਿਕ ਸਿਮਰੰਥਿ ਗੁਨਾ ॥गावहि गुण बरन चारि खट दरसन ब्रहमादिक सिमरंथि गुना ॥ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र- चार वर्ण, योगी, सन्यासी, वैष्णव इत्यादि छः शास्त्रं, ब्रह्मा इत्यादि सब लोग गुरु नानक का गुणगान करते हुए उनका स्मरण कर रहे हैं। ਗਾਵੈ ਗੁਣ ਸੇਸੁ ਸਹਸ ਜਿਹਬਾ ਰਸ ਆਦਿ ਅੰਤਿ ਲਿਵ
