Hindi Page 1327

ੴ ਸਤਿਨਾਮੁ ਕਰਤਾ ਪੁਰਖੁ ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰੁ ਅਕਾਲ ਮੂਰਤਿ ਅਜੂਨੀ ਸੈਭੰ ਗੁਰਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥
ੴ सतिनामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुरप्रसादि ॥
वह अनंतशक्ति परम-परमेश्वर केवल एक है, नाम उसका सत्य है, वह सम्पूर्ण विश्व को बनाने वाला है, सर्वशक्तिमान है, वह भय से रहित है, उसका किसी से वैर नहीं, वस्तुतः सब पर समान दृष्टि होने के कारण वह प्रेमस्वरूप है, वह कालातीत ब्रह्म मूर्ति सदा अमर है, वह जन्म-मरण के चक्र से परे है, अजन्मा है, वह स्वतः प्रकाशमान हुआ और गुरु की कृपा से प्राप्त होता है।

ਰਾਗੁ ਪਰਭਾਤੀ ਬਿਭਾਸ ਮਹਲਾ ੧ ਚਉਪਦੇ ਘਰੁ ੧ ॥
रागु परभाती बिभास महला १ चउपदे घरु १ ॥
रागु परभाती बिभास महला १ चउपदे घरु १ ॥

ਨਾਇ ਤੇਰੈ ਤਰਣਾ ਨਾਇ ਪਤਿ ਪੂਜ ॥
नाइ तेरै तरणा नाइ पति पूज ॥
हे परमपिता ! तेरे नाम-स्मरण से संसार-समुद्र से तैरा जाता है, तेरे नाम-संकीर्तन से मानव की इज्जत होती है और वह पूज्य बनता है।

ਨਾਉ ਤੇਰਾ ਗਹਣਾ ਮਤਿ ਮਕਸੂਦੁ ॥
नाउ तेरा गहणा मति मकसूदु ॥
तेरा नाम ही वैभव है, इसी से मकसद पूरा होता है।

ਨਾਇ ਤੇਰੈ ਨਾਉ ਮੰਨੇ ਸਭ ਕੋਇ ॥
नाइ तेरै नाउ मंने सभ कोइ ॥
तेरा नाम सर्वव्यापंक है, समूचा संसार तेरे नाम को ही मानता है।

ਵਿਣੁ ਨਾਵੈ ਪਤਿ ਕਬਹੁ ਨ ਹੋਇ ॥੧॥
विणु नावै पति कबहु न होइ ॥१॥
परमेश्वर के नाम बिना कभी इज्जत प्राप्त नहीं होती॥ १॥

ਅਵਰ ਸਿਆਣਪ ਸਗਲੀ ਪਾਜੁ ॥
अवर सिआणप सगली पाजु ॥
अन्य सब चतुराइयाँ मात्र दिखावा ही हैं,”

ਜੈ ਬਖਸੇ ਤੈ ਪੂਰਾ ਕਾਜੁ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
जै बखसे तै पूरा काजु ॥१॥ रहाउ ॥
जिस पर निरंकार अपनी बख्शिश कर देता है, उसका कार्य पूरा हो जाता है।॥ १॥रहाउ॥

ਨਾਉ ਤੇਰਾ ਤਾਣੁ ਨਾਉ ਦੀਬਾਣੁ ॥
नाउ तेरा ताणु नाउ दीबाणु ॥
तेरा नाम ही बल है और नाम ही हमारा आसरा है।

ਨਾਉ ਤੇਰਾ ਲਸਕਰੁ ਨਾਉ ਸੁਲਤਾਨੁ ॥
नाउ तेरा लसकरु नाउ सुलतानु ॥
तेरा नाम ही सेना है और नाम ही बादशाह है।

ਨਾਇ ਤੇਰੈ ਮਾਣੁ ਮਹਤ ਪਰਵਾਣੁ ॥
नाइ तेरै माणु महत परवाणु ॥
तेरे नाम से ही मान-सम्मान प्राप्त होता है और

ਤੇਰੀ ਨਦਰੀ ਕਰਮਿ ਪਵੈ ਨੀਸਾਣੁ ॥੨॥
तेरी नदरी करमि पवै नीसाणु ॥२॥
तेरी कृपा-दृष्टि से जीवन सफल होता है।॥ २॥

ਨਾਇ ਤੇਰੈ ਸਹਜੁ ਨਾਇ ਸਾਲਾਹ ॥
नाइ तेरै सहजु नाइ सालाह ॥
तेरे नाम से ही शान्ति प्राप्त होती है और नाम से ही सराहना होती है।

ਨਾਉ ਤੇਰਾ ਅੰਮ੍ਰਿਤੁ ਬਿਖੁ ਉਠਿ ਜਾਇ ॥
नाउ तेरा अम्रितु बिखु उठि जाइ ॥
तेरा नाम अमृतमय सुखों का घर है, जिससे दुखों भरा जहर दूर होता है।

ਨਾਇ ਤੇਰੈ ਸਭਿ ਸੁਖ ਵਸਹਿ ਮਨਿ ਆਇ ॥
नाइ तेरै सभि सुख वसहि मनि आइ ॥
तेरे नाम मनन से मन में सब सुख उत्पन्न होते हैं और

ਬਿਨੁ ਨਾਵੈ ਬਾਧੀ ਜਮ ਪੁਰਿ ਜਾਇ ॥੩॥
बिनु नावै बाधी जम पुरि जाइ ॥३॥
नाम से विहीन यमपुरी जाना पड़ता है।॥ ३॥

ਨਾਰੀ ਬੇਰੀ ਘਰ ਦਰ ਦੇਸ ॥
नारी बेरी घर दर देस ॥
मनुष्य नारी के प्रेम, सुन्दर घर, द्वार, देश में लिप्त रहता है,

ਮਨ ਕੀਆ ਖੁਸੀਆ ਕੀਚਹਿ ਵੇਸ ॥
मन कीआ खुसीआ कीचहि वेस ॥
मन की खुशी के लिए अनेक आडम्बर करता है।

ਜਾਂ ਸਦੇ ਤਾਂ ਢਿਲ ਨ ਪਾਇ ॥
जां सदे तां ढिल न पाइ ॥
परन्तु जब विधाता का बुलावा आता है तो कोई देरी नहीं होती।

ਨਾਨਕ ਕੂੜੁ ਕੂੜੋ ਹੋਇ ਜਾਇ ॥੪॥੧॥
नानक कूड़ु कूड़ो होइ जाइ ॥४॥१॥
गुरु नानक का फुरमान है कि दुनिया के मौज-मेले, भौतिक पदार्थ सब झूठे हैं, मरणोपरांत कुछ साथ नहीं जाता, अत: सब झूठा सिद्ध होता है॥ ४॥१॥

ਪ੍ਰਭਾਤੀ ਮਹਲਾ ੧ ॥
प्रभाती महला १ ॥
प्रभाती महला १ ॥

ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਰਤਨੁ ਕਰਮੁ ਚਾਨਣੁ ਸੁਰਤਿ ਤਿਥੈ ਲੋਇ ॥
तेरा नामु रतनु करमु चानणु सुरति तिथै लोइ ॥
हे प्रभु ! जहाँ तेरा नाम-रत्न है, तेरी कृपा का आलोक है, वहाँ ज्ञान का उजाला होता है।

ਅੰਧੇਰੁ ਅੰਧੀ ਵਾਪਰੈ ਸਗਲ ਲੀਜੈ ਖੋਇ ॥੧॥
अंधेरु अंधी वापरै सगल लीजै खोइ ॥१॥
अज्ञानांध दुनिया में अंधेरा ही विद्यमान है, जिस कारण मनुष्य सब कुछ गंवा रहा है॥ १॥

ਇਹੁ ਸੰਸਾਰੁ ਸਗਲ ਬਿਕਾਰੁ ॥
इहु संसारु सगल बिकारु ॥
यह संसार पाप-विकारों से भरा हुआ है,

ਤੇਰਾ ਨਾਮੁ ਦਾਰੂ ਅਵਰੁ ਨਾਸਤਿ ਕਰਣਹਾਰੁ ਅਪਾਰੁ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
तेरा नामु दारू अवरु नासति करणहारु अपारु ॥१॥ रहाउ ॥
हे कर्ता ! तेरा नाम ही दवा है, अन्य कुछ भी नहीं॥ १॥रहाउ॥

ਪਾਤਾਲ ਪੁਰੀਆ ਏਕ ਭਾਰ ਹੋਵਹਿ ਲਾਖ ਕਰੋੜਿ ॥
पाताल पुरीआ एक भार होवहि लाख करोड़ि ॥
यदि सभी पाताल, पुरियाँ, नगर इत्यादि तराजू के एक तरफ रख दें, इस तरह लाखों करोड़ और भी हों तो भी

ਤੇਰੇ ਲਾਲ ਕੀਮਤਿ ਤਾ ਪਵੈ ਜਾਂ ਸਿਰੈ ਹੋਵਹਿ ਹੋਰਿ ॥੨॥
तेरे लाल कीमति ता पवै जां सिरै होवहि होरि ॥२॥
सही मूल्यांकन तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक तोलने में अन्य बराबर की चीजें ना आ जाएँ॥ २॥

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