ਜਰਾ ਜੀਵਨ ਜੋਬਨੁ ਗਇਆ ਕਿਛੁ ਕੀਆ ਨ ਨੀਕਾ ॥
जरा जीवन जोबनु गइआ किछु कीआ न नीका ॥
मेरी जवानी की उम्र बीत गई है और बुढ़ापा आ चुका है, लेकिन मैंने कोई भी शुभ कर्म नहीं किया।
Youth has passed and old age has come, but I have not done any good deeds.
ਇਹੁ ਜੀਅਰਾ ਨਿਰਮੋਲਕੋ ਕਉਡੀ ਲਗਿ ਮੀਕਾ ॥੩॥
इहु जीअरा निरमोलको कउडी लगि मीका ॥३॥
यह अमूल्य जीवन वासना में लगकर कौड़ियों के भाव हो गया है॥ ३॥
This life of mine was invaluable but engrossed in the love for worldly riches, I have made it worthless. ||3||
ਕਹੁ ਕਬੀਰ ਮੇਰੇ ਮਾਧਵਾ ਤੂ ਸਰਬ ਬਿਆਪੀ ॥
कहु कबीर मेरे माधवा तू सरब बिआपी ॥
कबीर जी कहते हैं कि हे मेरे माधव ! तू सर्वव्यापक है;
Kabir says! O’ God, You are all pervading.
ਤੁਮ ਸਮਸਰਿ ਨਾਹੀ ਦਇਆਲੁ ਮੋਹਿ ਸਮਸਰਿ ਪਾਪੀ ॥੪॥੩॥
तुम समसरि नाही दइआलु मोहि समसरि पापी ॥४॥३॥
तेरे समान अन्य कोई दयालु नहीं है तथा मेरे जैसा अन्य कोई पापी नहीं है।॥४॥३॥
There is none as merciful as You are, and none as sinful as I am. ||4||3||
ਬਿਲਾਵਲੁ ॥
बिलावलु ॥
बिलावलु ॥
Raag Bilaaval:
ਨਿਤ ਉਠਿ ਕੋਰੀ ਗਾਗਰਿ ਆਨੈ ਲੀਪਤ ਜੀਉ ਗਇਓ ॥
नित उठि कोरी गागरि आनै लीपत जीउ गइओ ॥
(कबीर जी की माता कहती है कि) यह जुलाहा नित्य सुबह उठकर कोरी गागर में पानी भर कर लाता है और लीपते-लीपते इसकी जिंदगी भी बीत गई है।
(Expressing the words of his mother), Kabir ji says! Every day, waking up early Kabir, the weaver, brings a fresh pitcher of water; his life is passing in sweeping and washing the place of worship.
ਤਾਨਾ ਬਾਨਾ ਕਛੂ ਨ ਸੂਝੈ ਹਰਿ ਹਰਿ ਰਸਿ ਲਪਟਿਓ ॥੧॥
ताना बाना कछू न सूझै हरि हरि रसि लपटिओ ॥१॥
इसे ताना-बाना कुछ नहीं आता और यह हर वक्त हरि-नाम के रस में ही लिपटा रहता है॥१॥
He does not care about weaving, and all day he remains absorbed in meditating on God’s Name. ||1||
ਹਮਾਰੇ ਕੁਲ ਕਉਨੇ ਰਾਮੁ ਕਹਿਓ ॥
हमारे कुल कउने रामु कहिओ ॥
हमारे कुल में किस व्यक्ति ने राम-नाम जपा है।
Who in our ancestors has ever chanted the Name of God?
ਜਬ ਕੀ ਮਾਲਾ ਲਈ ਨਿਪੂਤੇ ਤਬ ਤੇ ਸੁਖੁ ਨ ਭਇਓ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
जब की माला लई निपूते तब ते सुखु न भइओ ॥१॥ रहाउ ॥
जब से इस निपूत ने माला ली है, तब से हमें कोई सुख उपलब्ध नहीं हुआ॥ १॥ रहाउ ॥
Ever since this worthless son of mine began chanting with the rosary, we have had no peace at all. ||1||Pause||
ਸੁਨਹੁ ਜਿਠਾਨੀ ਸੁਨਹੁ ਦਿਰਾਨੀ ਅਚਰਜੁ ਏਕੁ ਭਇਓ ॥
सुनहु जिठानी सुनहु दिरानी अचरजु एकु भइओ ॥
हे जेठानी ! जरा सुनो; हे देवरानी ! तुम भी सुनो; एक अद्भुत घटना हो गई है कि
Listen, O my sisters-in-law, a wondrous thing has happened in our family.
ਸਾਤ ਸੂਤ ਇਨਿ ਮੁਡੀਂਏ ਖੋਏ ਇਹੁ ਮੁਡੀਆ ਕਿਉ ਨ ਮੁਇਓ ॥੨॥
सात सूत इनि मुडींए खोए इहु मुडीआ किउ न मुइओ ॥२॥
इस लड़के ने हमारा सूत का काम ही बिगाड़ दिया है, यह लड़का मर क्यों नहीं गया ॥ २ ॥
This boy has completely abandoned our weaving business; why didn’t he simply die? ||2||
ਸਰਬ ਸੁਖਾ ਕਾ ਏਕੁ ਹਰਿ ਸੁਆਮੀ ਸੋ ਗੁਰਿ ਨਾਮੁ ਦਇਓ ॥
सरब सुखा का एकु हरि सुआमी सो गुरि नामु दइओ ॥
“(कबीर जी अपनी माता को उत्तर देते हैं कि) एक परमात्मा ही मेरा स्वामी है और वह सर्व सुखों का दाता है, मेरे गुरु ने मुझे उसका ही नाम दिया है।
My Guru has given me the Name of that God, who is the master of all comforts and celestial peace,
ਸੰਤ ਪ੍ਰਹਲਾਦ ਕੀ ਪੈਜ ਜਿਨਿ ਰਾਖੀ ਹਰਨਾਖਸੁ ਨਖ ਬਿਦਰਿਓ ॥੩॥
संत प्रहलाद की पैज जिनि राखी हरनाखसु नख बिदरिओ ॥३॥
उसने ही भक्त प्रहलाद की लाज रखी थी और दुष्ट हिरण्यकशिपु दैत्य को नखों से फाड़कर वध कर दिया था।॥ ३॥
He is the same God who saved the honor of saint Prahlad and killed the demon Harnakash with his finger-nails. ||3||
ਘਰ ਕੇ ਦੇਵ ਪਿਤਰ ਕੀ ਛੋਡੀ ਗੁਰ ਕੋ ਸਬਦੁ ਲਇਓ ॥
घर के देव पितर की छोडी गुर को सबदु लइओ ॥
अब मैंने अपने घर के देवताओं एवं पितरों की पूजा छोड़ दी है और गुरु का शब्द ले लिया है।
I have abandoned the ways and tradition of my family priest and ancestors, and I have accepted the word of the Guru.
ਕਹਤ ਕਬੀਰੁ ਸਗਲ ਪਾਪ ਖੰਡਨੁ ਸੰਤਹ ਲੈ ਉਧਰਿਓ ॥੪॥੪॥
कहत कबीरु सगल पाप खंडनु संतह लै उधरिओ ॥४॥४॥
कबीर जी कहते हैं कि एक वही सर्व पापों का खंडन करने वाला है और संतों ने उसे अपनाकर अपना उद्धार कर लिया है॥ ४ ॥ ४ ॥
Kabir says, God is the destroyer of all sins; I have crossed over the world-ocean of vices by lovingly remembering Him in the holy congregation. ||4||4||
ਬਿਲਾਵਲੁ ॥
बिलावलु ॥
बिलावलु ॥
Raag Bilaaval:
ਕੋਊ ਹਰਿ ਸਮਾਨਿ ਨਹੀ ਰਾਜਾ ॥
कोऊ हरि समानि नही राजा ॥
हरि के समान कोई राजा नहीं है।
(O’ my friends), there is no other king equal to God.
ਏ ਭੂਪਤਿ ਸਭ ਦਿਵਸ ਚਾਰਿ ਕੇ ਝੂਠੇ ਕਰਤ ਦਿਵਾਜਾ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
ए भूपति सभ दिवस चारि के झूठे करत दिवाजा ॥१॥ रहाउ ॥
दुनिया के यह सारे राजा चार दिनों के लिए ही हैं और यों ही अपने राज-प्रताप का झूठा दिखावा करते हैं।॥ १॥ रहाउ ॥
These worldly kings are here for a very short stay, and they make false shows of their wealth and power. ||1||Pause||
ਤੇਰੋ ਜਨੁ ਹੋਇ ਸੋਇ ਕਤ ਡੋਲੈ ਤੀਨਿ ਭਵਨ ਪਰ ਛਾਜਾ ॥
तेरो जनु होइ सोइ कत डोलै तीनि भवन पर छाजा ॥
हे परमात्मा ! यदि कोई तेरा दास होगा, तो वह क्यों डगमगाएगा ? वह तो तीनों लोकों पर अपना हुक्म चलाता है।
O’ God! how can Your devotee be afraid of these worldly kings because Your glory pervades all the three worlds?
ਹਾਥੁ ਪਸਾਰਿ ਸਕੈ ਕੋ ਜਨ ਕਉ ਬੋਲਿ ਸਕੈ ਨ ਅੰਦਾਜਾ ॥੧॥
हाथु पसारि सकै को जन कउ बोलि सकै न अंदाजा ॥१॥
तेरे सेवक के ऊपर कोई भी अपना हाथ उठा नहीं सकता और तेरे जन की शक्ति का कोई अंदाजा नहीं लगा सकता॥ १॥
No one can raise his hand to physically harm the devotee, no one can guess the extent of his glory. ||1||
ਚੇਤਿ ਅਚੇਤ ਮੂੜ ਮਨ ਮੇਰੇ ਬਾਜੇ ਅਨਹਦ ਬਾਜਾ ॥
चेति अचेत मूड़ मन मेरे बाजे अनहद बाजा ॥
हे मूर्ख एवं अज्ञानी मन ! परमात्मा को याद कर ताकि तेरे अन्दर अनहद शब्द का बाजा बजने लगे।
O’ my foolish unconscious mind, remember that God so that the music of non stop melody may ring within you.
ਕਹਿ ਕਬੀਰ ਸੰਸਾ ਭ੍ਰਮੁ ਚੂਕੋ ਧ੍ਰੂ ਪ੍ਰਹਿਲਾਦ ਨਿਵਾਜਾ ॥੨॥੫॥
कहि कबीर संसा भ्रमु चूको ध्रू प्रहिलाद निवाजा ॥२॥५॥
कबीर जी कहते हैं कि मेरा संशय एवं भ्रम दूर हो गया है, परमात्मा ने मुझे भक्त ध्रुव एवं भक्त प्रहलाद की तरह बड़ाई दी है॥ २॥ ५॥
Kabeer says, my skepticism and doubt have been dispelled; God has exalted me, like His devotees Dhru and Prehlaad. ||2||5||
ਬਿਲਾਵਲੁ ॥
बिलावलु ॥
बिलावलु ॥
Raag Bilaaval:
ਰਾਖਿ ਲੇਹੁ ਹਮ ਤੇ ਬਿਗਰੀ ॥
राखि लेहु हम ते बिगरी ॥
हे परमेश्वर ! मुझे बचा लो, मुझसे बहुत बड़ी भूल हो गई है।
O’ God! save me (from the cycle of birth and death), even though I myself have messed up my fate.
ਸੀਲੁ ਧਰਮੁ ਜਪੁ ਭਗਤਿ ਨ ਕੀਨੀ ਹਉ ਅਭਿਮਾਨ ਟੇਢ ਪਗਰੀ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
सीलु धरमु जपु भगति न कीनी हउ अभिमान टेढ पगरी ॥१॥ रहाउ ॥
न ही चरित्रवान् बना, न ही कोई धर्म किया, न जप किया और न ही तेरी भक्ति की अपितु अभिमान में कुपथ पर ही चलता रहा ॥ १ ॥ रहाउ॥
I have not practiced humility, righteousness and Your devotional worship; I am arrogant and follow a crooked way of life. ||1||Pause||
ਅਮਰ ਜਾਨਿ ਸੰਚੀ ਇਹ ਕਾਇਆ ਇਹ ਮਿਥਿਆ ਕਾਚੀ ਗਗਰੀ ॥
अमर जानि संची इह काइआ इह मिथिआ काची गगरी ॥
अपनी इस काया को अमर मानकर इसका पोषण करता रहा किन्तु यह कच्ची गागर की तरह मिथ्या ही निकली।
I have been nourishing this body, deeming it as eternal; I never realized that it is perishable like a pitcher made of unbaked clay.
ਜਿਨਹਿ ਨਿਵਾਜਿ ਸਾਜਿ ਹਮ ਕੀਏ ਤਿਸਹਿ ਬਿਸਾਰਿ ਅਵਰ ਲਗਰੀ ॥੧॥
जिनहि निवाजि साजि हम कीए तिसहि बिसारि अवर लगरी ॥१॥
जिस परमात्मा ने दया करके मुझे सुन्दर बना कर पैदा किया है, मैं उसे ही भुलाकर दुनिया के लगाव में लगा रहा ॥ १ ॥
Forgetting that God who formed, fashioned and embellished me, I remained attached to another (worldly riches and power). ||1||
ਸੰਧਿਕ ਤੋਹਿ ਸਾਧ ਨਹੀ ਕਹੀਅਉ ਸਰਨਿ ਪਰੇ ਤੁਮਰੀ ਪਗਰੀ ॥
संधिक तोहि साध नही कहीअउ सरनि परे तुमरी पगरी ॥
हे मालिक ! मैं तेरा चोर हूँ और तेरा साधु नहीं कहला सकता, मैं तेरे चरणों की शरण में आ पड़ा हूँ।
O’ God! I am Your thief, I cannot be called holy; but now I have humbly come to Your refuge.
ਕਹਿ ਕਬੀਰ ਇਹ ਬਿਨਤੀ ਸੁਨੀਅਹੁ ਮਤ ਘਾਲਹੁ ਜਮ ਕੀ ਖਬਰੀ ॥੨॥੬॥
कहि कबीर इह बिनती सुनीअहु मत घालहु जम की खबरी ॥२॥६॥
कबीर जी कहते हैं कि हे प्रभु जी ! मेरी यह विनती सुनो; मुझे यमराज की कोई भी खबर मत भेजना ॥ २ ॥ ६॥
Says Kabeer, O’God! please listen to this prayer of mine and do not send me the news of the demon of death. ||2||6||
ਬਿਲਾਵਲੁ ॥
बिलावलु ॥
बिलावलु ॥
Raag Bilaaval:
ਦਰਮਾਦੇ ਠਾਢੇ ਦਰਬਾਰਿ ॥
दरमादे ठाढे दरबारि ॥
हे परमात्मा ! मैं बहुत लाचार होकर तेरे दरबार में आ खड़ा हूँ।
O’ God! I am standing before You as a beggar.
ਤੁਝ ਬਿਨੁ ਸੁਰਤਿ ਕਰੈ ਕੋ ਮੇਰੀ ਦਰਸਨੁ ਦੀਜੈ ਖੋਲ੍ਹ੍ਹਿ ਕਿਵਾਰ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥
तुझ बिनु सुरति करै को मेरी दरसनु दीजै खोल्हि किवार ॥१॥ रहाउ ॥
तेरे बिना अन्य कौन मेरी देखरेख करे ? किवाड़ खोलकर मुझे दर्शन दीजिए॥ १॥ रहाउ॥
Except for You, who else is going to think about me? So please bestow mercy and bless me with Your holy vision. ||1||Pause||
ਤੁਮ ਧਨ ਧਨੀ ਉਦਾਰ ਤਿਆਗੀ ਸ੍ਰਵਨਨੑ ਸੁਨੀਅਤੁ ਸੁਜਸੁ ਤੁਮ੍ਹ੍ਹਾਰ ॥
तुम धन धनी उदार तिआगी स्रवनन्ह सुनीअतु सुजसु तुम्हार ॥
तुम बहुत धनवान, उदारचित एवं त्यागी हो और अपने कानों से तुम्हारा ही सुयश सुनता रहता हूँ।
O’ God! You are the master of the entire wealth of the world, You are gracious and detached from everything; we listen to Your gracious glory with our ears.
ਮਾਗਉ ਕਾਹਿ ਰੰਕ ਸਭ ਦੇਖਉ ਤੁਮ੍ਹ੍ਹ ਹੀ ਤੇ ਮੇਰੋ ਨਿਸਤਾਰੁ ॥੧॥
मागउ काहि रंक सभ देखउ तुम्ह ही ते मेरो निसतारु ॥१॥
मैं तुझसे क्या दान मांगू? मैं सब को ही कंगाल देखता हूँ और तुझ से ही मेरा निस्तार होना है॥ १॥
From whom should I beg? I see that all are beggars; my salvation can happen only through You. ||1||
ਜੈਦੇਉ ਨਾਮਾ ਬਿਪ ਸੁਦਾਮਾ ਤਿਨ ਕਉ ਕ੍ਰਿਪਾ ਭਈ ਹੈ ਅਪਾਰ ॥
जैदेउ नामा बिप सुदामा तिन कउ क्रिपा भई है अपार ॥
जयदेव, नामदेव एवं सुदामा ब्राह्मण जैसे इन भक्तों पर तेरी अपार कृपा हुई है।
O’ God! You blessed devotees Jai Dev, Naam Dev and brahmin Sudaamaa with Your infinite mercy.
ਕਹਿ ਕਬੀਰ ਤੁਮ ਸੰਮ੍ਰਥ ਦਾਤੇ ਚਾਰਿ ਪਦਾਰਥ ਦੇਤ ਨ ਬਾਰ ॥੨॥੭॥
कहि कबीर तुम सम्रथ दाते चारि पदारथ देत न बार ॥२॥७॥
कबीर जी कहते हैं कि हें दाता ! तू सर्वकला समर्थ है और जीवों को धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष पदार्थ देते तुझे कोई देरी नहीं लगती॥ २॥ ७ ॥
Kabir says, You alone are the all-powerful benefactor and it does not take even an instant to bestow the four boons (faith, money, love, and salvation). ||2||7||
ਬਿਲਾਵਲੁ ॥
बिलावलु ॥
बिलावलु ॥
Raag Bilaaval:
ਡੰਡਾ ਮੁੰਦ੍ਰਾ ਖਿੰਥਾ ਆਧਾਰੀ ॥
डंडा मुंद्रा खिंथा आधारी ॥
योगी हाथ में डण्डा, कानों में मुद्रा, कफनी पहनकर, बगल में झोली लटकाकर
Wearing the holy looking garb, such as a staff, ear rings, patched coat and a cloth bag,
ਭ੍ਰਮ ਕੈ ਭਾਇ ਭਵੈ ਭੇਖਧਾਰੀ ॥੧॥
भ्रम कै भाइ भवै भेखधारी ॥१॥
वेषधारी बनकर भ्रम के भाव में ही भटकता रहता है॥ १॥
deluded by doubt, you have gone astray, O’ Yogi. ||1||