Hindi Page 461
ਨਿਧਿ ਸਿਧਿ ਚਰਣ ਗਹੇ ਤਾ ਕੇਹਾ ਕਾੜਾ ॥निधि सिधि चरण गहे ता केहा काड़ा ॥यदि निधियों, सिद्धियों के स्वामी प्रभु के चरण पकड़ लिए हैं तो अब कैसी चिंता हो सकती है। ਸਭੁ ਕਿਛੁ ਵਸਿ ਜਿਸੈ ਸੋ ਪ੍ਰਭੂ ਅਸਾੜਾ ॥सभु किछु वसि जिसै सो प्रभू असाड़ा ॥जिसके वश में सब कुछ है वही मेरा प्रभु